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मौसमी गाइड 5 मिनट पढ़ें

सर्दियों में तुलसी क्यों सूखती है और गमले की तुलसी को कैसे बचाएँ

उत्तर भारत में लगभग हर घर की एक ही कहानी है: अक्टूबर तक आँगन या छत की तुलसी हरी-भरी रहती है, और जनवरी आते-आते पत्ते झड़ जाते हैं, डंडियाँ काली पड़ जाती हैं और पौधा सूखा दिखने लगता है।

इसकी वजह समझ आ जाए तो बचाव आसान है। तुलसी गर्म मौसम का पौधा है। लगभग 10°C से नीचे इसकी बढ़त धीमी हो जाती है और पत्ते गिरने लगते हैं। उसके ऊपर ठंडी हवा, पाला और ठंडी गीली मिट्टी मिल जाएँ, तो पौधा हार मान लेता है।

सर्दियों में धूप वाली आड़ की जगह पर रखे तुलसी और जड़ी-बूटियों के गमले
सर्दियों में तुलसी को सबसे ज़्यादा धूप और ठंडी हवा से आड़ चाहिए।

तुलसी सर्दियों में क्यों सूखती है

  • ठंड: रात का तापमान 10°C से नीचे जाते ही पौधा धीमा पड़ जाता है। 5°C के आसपास और नीचे पत्ते तेज़ी से झड़ते हैं।
  • पाला: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी में दिसंबर और जनवरी की कुछ रातों में पाला पड़ता है। खुली छत पर रखी तुलसी के पत्ते इससे झुलसकर काले हो जाते हैं।
  • ठंडी हवा: खुली छत पर चलने वाली ठंडी, सूखी हवा पत्तों को जल्दी सुखा देती है।
  • ज़्यादा पानी: यह सबसे बड़ी और सबसे अनदेखी वजह है। सर्दियों में मिट्टी देर से सूखती है। रोज़ की आदत से पानी देते रहें तो ठंडी गीली मिट्टी में जड़ें सड़ने लगती हैं।
  • मंजरी: पौधा पूरी ताकत बीज बनाने में लगा देता है और पत्तियाँ कम हो जाती हैं।

गमला कहाँ रखें

नवंबर के बीच तक, जब रातें ठंडी होने लगें, तुलसी का गमला घर की सबसे धूप वाली और सबसे आड़ वाली जगह पर ले आएँ।

  • दक्षिण की ओर वाली बालकनी या छत का कोना सबसे अच्छा है, क्योंकि सर्दियों में सबसे ज़्यादा धूप वहीं आती है।
  • किसी दीवार के पास रखें। दिन भर धूप में गर्म हुई दीवार रात में थोड़ी गर्माहट देती है और ठंडी हवा भी रोकती है।
  • छत के बीच में खुला न छोड़ें। वहाँ हवा और पाला दोनों सबसे ज़्यादा लगते हैं।
  • दिन में कम से कम 4 से 6 घंटे धूप मिले, यह ध्यान रखें। अंधेरे कमरे में पूरी सर्दी रखना भी ठीक नहीं।

पाले वाली रातों में बचाव

उत्तर भारत में सबसे ठंडी रातें आम तौर पर दिसंबर के आखिर और जनवरी में आती हैं। मौसम का पूर्वानुमान देखते रहें।

  1. रात को हल्का कपड़ा ढकें। सूती कपड़ा, पुरानी चुन्नी या जालीदार कपड़ा पौधे पर डाल दें। सुबह धूप निकलते ही हटा दें ताकि पौधे को धूप और हवा मिले।
  2. सबसे ठंडी रातों में अंदर ले आएँ। बरामदे में या कमरे की खिड़की के पास रख दें और अगली सुबह फिर धूप में निकाल दें।
  3. गमले को ज़मीन से ऊपर रखें। ठंडे फ़र्श पर सीधा रखने के बजाय ईंट या लकड़ी के पटरे पर रखें।
  4. मिट्टी पर सूखी पत्तियाँ या भूसा बिछाएँ। इससे जड़ों को थोड़ी गर्माहट मिलती है।

सर्दियों में पानी और खाद

सर्दियों में तुलसी को गर्मियों से कहीं कम पानी चाहिए। उँगली डालकर देखें, ऊपर की 2 से 3 सेमी मिट्टी सूखी हो तभी पानी दें। पानी सुबह दें, शाम को नहीं, ताकि रात की ठंड में मिट्टी गीली न रहे। गमले में पानी निकलने का छेद खुला होना चाहिए। अगर मिट्टी पहले ही बहुत गीली है और पत्ते पीले होकर गिर रहे हैं, तो पढ़ें ज़्यादा पानी वाले पौधे को कैसे बचाएँ।

दिसंबर और जनवरी में खाद बिल्कुल न डालें। पौधा इस समय आराम करता है। फ़रवरी के आखिर या मार्च में जब नई पत्तियाँ दिखें, तब एक-दो मुट्ठी कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट ऊपर डाल दें। अपनी खाद घर पर बनानी हो तो पढ़ें घर पर कम्पोस्ट कैसे बनाएँ।

मंजरी तोड़ते रहें

अक्टूबर और नवंबर में तुलसी पर खूब मंजरी आती है। इन्हें उँगलियों से तोड़ते रहें। इससे पौधा बीज बनाने के बजाय नई शाखाएँ और पत्तियाँ निकालता है और सर्दी में ज़्यादा मज़बूत रहता है। चाहें तो कुछ मंजरी सुखाकर बीज रख लें, जिन्हें गर्मी आने पर बो सकते हैं।

बाकी जड़ी-बूटियाँ सर्दियों में

पौधासर्दी में हालक्या करें
तुलसीठंड में धीमी, पत्ते झड़ते हैंधूप वाली आड़, कम पानी, पाले में ढकें
बेसिलतुलसी जैसा ही, ठंड नहीं सहतातुलसी वाली देखभाल, या कलम पानी में रखें
पुदीनाऊपर से मुरझा सकता हैपानी कम, वसंत में जड़ों से फिर उगता है
धनियासर्दी में सबसे अच्छाबोते रहें, पूरी धूप दें

बेसिल की देखभाल तुलसी जैसी ही है। उत्तर भारत में इसके कुछ स्वस्थ तने काटकर खिड़की पर पानी के गिलास में रखना अच्छा बैकअप है। ज़्यादा जानकारी: बेसिल की देखभाल गाइड।

पुदीना कड़ी ठंड में ऊपर से सूखा दिख सकता है, पर इसकी जड़ें ज़िंदा रहती हैं। पानी कम करें, सूखी डंडियाँ काट दें, और फ़रवरी-मार्च में नई पत्तियाँ आ जाएँगी। देखें घर पर पुदीना कैसे उगाएँ।

धनिया के लिए तो सर्दी सबसे अच्छा मौसम है। इस समय वह जल्दी बीज पर नहीं जाता। अभी बोएँ: घर पर धनिया कैसे उगाएँ। इस मौसम में और क्या बोया जा सकता है, यह पढ़ें अक्टूबर में क्या उगाएँ।

अगर तुलसी सूखी दिख रही है

उसे तुरंत न उखाड़ें। तने को नाखून से हल्का खुरचें। अंदर हरा दिखे तो पौधा ज़िंदा है। सूखी, काली डंडियाँ काट दें, पानी बहुत कम कर दें, गमला धूप में रखें और मार्च तक धीरज रखें। अक्सर गर्मी लौटते ही नई कोंपलें निकल आती हैं।

अंदाज़ा लगाने के बजाय रोज़ का एक आसान प्लान चाहते हैं? UrbanLeaf आपकी तुलसी, पुदीना, धनिया, टमाटर या माइक्रोग्रीन्स के लिए रोज़ एक आसान ऑर्गेनिक काम बताता है, साथ में आपके शहर के मौसम के हिसाब से पानी देने की सलाह, ताकि ठंडी रातों में आपके पौधे सुरक्षित रहें। 🌱

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्दियों में तुलसी क्यों सूख जाती है?

तुलसी गर्म मौसम का पौधा है। लगभग 10°C से नीचे इसकी बढ़त धीमी हो जाती है और पत्ते झड़ने लगते हैं। ठंडी हवा, पाला, और ठंडी गीली मिट्टी में सड़ती जड़ें इसके सूखने की सबसे आम वजहें हैं।

सर्दियों में तुलसी को कितना पानी दें?

गर्मियों से काफ़ी कम। ऊपर की 2 से 3 सेमी मिट्टी सूखी लगे तभी पानी दें, और सुबह के समय दें ताकि रात तक मिट्टी गीली न रहे। उत्तर भारत की सर्दी में अक्सर हफ़्ते में एक-दो बार काफ़ी होता है, पर हमेशा मिट्टी छूकर ही तय करें।

क्या सर्दियों में तुलसी में खाद डालें?

दिसंबर और जनवरी की कड़ी ठंड में नहीं। इस समय पौधा आराम करता है और खाद का इस्तेमाल नहीं कर पाता। फ़रवरी के आखिर या मार्च में नई पत्तियाँ दिखें, तब थोड़ी कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट डालें।

तुलसी की मंजरी तोड़नी चाहिए या नहीं?

हाँ, अगर आप पौधे को घना और पत्तेदार रखना चाहते हैं। मंजरी बनने पर पौधा अपनी ताकत बीज बनाने में लगाता है। मंजरी तोड़ने से नई शाखाएँ और पत्तियाँ आती हैं।

सूखी दिखती तुलसी को फेंक दें?

तुरंत नहीं। तने को नाखून से हल्का खुरचें। अंदर हरा दिखे तो पौधा ज़िंदा है। पानी कम रखें, धूप में रखें और मार्च तक इंतज़ार करें, अक्सर नई कोंपलें निकल आती हैं।