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अक्टूबर में क्या उगाएँ: बालकनी, छत और गमलों के लिए पूरी सूची

सितंबर के आखिर तक ज़्यादातर इलाकों में बारिश थम जाती है। धूप नरम हो जाती है, सुबह हल्की ठंडक आने लगती है और रबी का मौसम शुरू होता है। अगर आप कभी से सोच रहे थे कि बालकनी या छत पर कुछ उगाएँ, तो अक्टूबर वह महीना है जब शुरुआत सबसे आसान होती है।

इस मौसम में पत्तेदार सब्ज़ियाँ, जड़ वाली सब्ज़ियाँ और धनिया जैसी जड़ी-बूटियाँ खूब चलती हैं। गर्मी में जो धनिया दो हफ़्ते में बीज पर चला जाता था, वही अब महीनों तक पत्तियाँ देता है।

धूप वाली खिड़की पर छोटे गमलों में उगती हरी पत्तियाँ और जड़ी-बूटियाँ
धूप वाली खिड़की पर कुछ गमले भी अक्टूबर में अच्छी शुरुआत हैं।

पहले अपना इलाका समझ लें

भारत में अक्टूबर हर जगह एक जैसा नहीं होता। मोटे तौर पर तीन तरह के इलाके हैं:

  • उत्तर भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, एमपी, बिहार): अक्टूबर के आखिर से रातें जल्दी ठंडी होने लगती हैं। दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है और पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी में कभी-कभी पाला भी गिरता है। इसलिए अक्टूबर और नवंबर में बोना सबसे अच्छा है, ताकि पौधे ठंड से पहले जम जाएँ।
  • पश्चिम और मध्य भारत: सर्दियाँ हल्की रहती हैं। ठंडे मौसम की सब्ज़ियाँ यहाँ भी अच्छी चलती हैं, बस पाले की चिंता कम है।
  • दक्षिण भारत: सर्दी हल्की होती है। तमिलनाडु और तटीय आंध्र के कुछ हिस्सों में अक्टूबर से दिसंबर तक उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश होती है, इसलिए गमलों में पानी निकलने के छेद ज़रूर देखें और गमले ईंट पर थोड़ा ऊँचा रखें।

अक्टूबर में गमलों में क्या बोएँ

  1. धनिया। यह इसका मौसम है। साबुत धनिये को हल्का मसलकर दो हिस्सों में तोड़ें, रातभर भिगोएँ और बो दें। हर 2 से 3 हफ़्ते में थोड़ा-थोड़ा बोते रहें ताकि पत्तियाँ लगातार मिलें। पूरी विधि यहाँ है: घर पर धनिया कैसे उगाएँ।
  2. मेथी। सबसे आसान पत्तेदार सब्ज़ी। 15 सेमी गहरी चौड़ी ट्रे या गमला काफ़ी है। बीज छिड़कें, हल्की मिट्टी डालें, और करीब 3 से 4 हफ़्ते में पत्तियाँ तोड़ें।
  3. पालक। 15 से 20 सेमी गहरे गमले में बोएँ। बाहर की पत्तियाँ तोड़ते रहें, पौधा बीच से नई पत्तियाँ निकालता रहेगा।
  4. मूली। लगभग 25 से 30 सेमी गहरा गमला लें। एक से डेढ़ महीने में तैयार हो जाती है, और उसके पत्ते भी सब्ज़ी में काम आते हैं।
  5. गाजर। इसके लिए गहरा गमला चाहिए, कम से कम 30 सेमी। मिट्टी भुरभुरी रखें, कंकड़ न हों, वरना गाजर टेढ़ी बनती है।
  6. मटर। बड़े गमले में 4 से 5 बीज लगाएँ और चढ़ने के लिए कोई डंडी या जाली दें। उत्तर भारत में अक्टूबर और नवंबर इसकी बुवाई का समय है।
  7. सलाद पत्ता (लेट्यूस)। हल्की धूप में भी चल जाता है। बाहर की पत्तियाँ तोड़ते रहें।
  8. टमाटर। बीज से शुरू करने के बजाय नर्सरी से पौध लेकर गमले में लगाएँ। कम से कम 15 से 20 L का गमला लें और 6 घंटे धूप वाली जगह दें। ज़्यादा जानकारी के लिए टमाटर की देखभाल गाइड पढ़ें।
  9. फूलगोभी और पत्तागोभी। इन्हें भी नर्सरी की पौध से लगाएँ, एक बड़े गमले में एक ही पौधा।
  10. पुदीना। बाज़ार से लाए पुदीने की एक डंडी पानी में रखें, लगभग एक हफ़्ते में जड़ें आ जाएँगी। देखें घर पर पुदीना कैसे उगाएँ।

खिड़की पर क्या उगाएँ (हर इलाके में)

अगर बालकनी या छत नहीं है, तो धूप वाली खिड़की भी काफ़ी है। माइक्रोग्रीन्स किसी भी मौसम में, किसी भी शहर में उगते हैं और 1 से 2 हफ़्ते में कट जाते हैं। मेथी, सरसों और मूली के माइक्रोग्रीन्स सबसे आसान हैं। शुरुआत के लिए पढ़ें सबसे आसान माइक्रोग्रीन्स। धनिया और पुदीना भी खिड़की पर आराम से चल जाते हैं।

अक्टूबर एक नज़र में

पौधागमले की गहराईकब तक तैयार
माइक्रोग्रीन्स5 सेमी ट्रे1 से 2 हफ़्ते
मेथी15 सेमी3 से 4 हफ़्ते
धनिया20 सेमी3 से 4 हफ़्ते
पालक15 से 20 सेमी4 से 6 हफ़्ते
मूली25 से 30 सेमी4 से 6 हफ़्ते
गाजर30 सेमी या ज़्यादा2 से 3 महीने
टमाटर (पौध)15 से 20 L गमला2 से 3 महीने

मिट्टी की तैयारी, ऑर्गेनिक तरीके से

बारिश के बाद पुराने गमलों की मिट्टी अक्सर दबकर सख्त हो जाती है। उसे निकालकर धूप में दो-तीन दिन सुखाएँ, भुरभुरी करें, और उसमें लगभग एक-तिहाई कम्पोस्ट या सड़ी गोबर की खाद मिलाएँ। थोड़ी रेत या कोकोपीट डालने से पानी अच्छे से निकलता है। किसी केमिकल खाद की ज़रूरत नहीं।

घर पर अपनी खाद बनाना चाहते हैं? पढ़ें घर पर कम्पोस्ट कैसे बनाएँ।

अक्टूबर में पानी कैसे दें

बारिश के बाद हवा में नमी रहती है और धूप भी तेज़ नहीं होती, इसलिए गर्मियों जितना पानी न दें। उँगली से मिट्टी छूकर देखें, ऊपर की 2 से 3 सेमी मिट्टी सूखी लगे तभी पानी दें। नए बोए बीजों पर हल्का छिड़काव करें ताकि बीज बह न जाएँ। ज़्यादा पानी से पत्ते पीले पड़ें तो पढ़ें पौधों की पत्तियाँ पीली क्यों होती हैं।

तुलसी और बाकी गर्मी वाले पौधों का ध्यान रखें

अक्टूबर में जो बोया जाता है वह ठंड पसंद करता है, पर आपकी तुलसी और बेसिल गर्मी वाले पौधे हैं। उत्तर भारत में दिसंबर तक आते-आते तुलसी अक्सर सूखने लगती है। इसे अभी से समझ लें: सर्दियों में तुलसी और जड़ी-बूटियों को कैसे बचाएँ।

इसी हफ़्ते एक गमले से शुरू करें

बड़ी योजना की ज़रूरत नहीं। एक गमले में धनिया या मेथी बो दें, या खिड़की पर माइक्रोग्रीन्स की एक ट्रे रख दें। पहली बार उगा रहे हैं तो शुरुआती लोगों की पूरी गाइड और बालकनी में सब्ज़ी का बगीचा पढ़ लें।

अंदाज़ा लगाने के बजाय रोज़ का एक आसान प्लान चाहते हैं? UrbanLeaf आपके धनिया, पुदीना, टमाटर, तुलसी या माइक्रोग्रीन्स के लिए रोज़ एक आसान ऑर्गेनिक काम बताता है, साथ में आपके शहर के मौसम के हिसाब से पानी देने की सलाह, ताकि आपकी पहली फ़सल सच में हाथ आए। 🌱

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अक्टूबर में गमलों में सब्ज़ियाँ लगाना सही है?

हाँ, यह साल के सबसे अच्छे महीनों में से एक है। मानसून खत्म हो चुका होता है, तेज़ गर्मी नहीं रहती और कीड़े भी कम होते हैं। धनिया, मेथी, पालक, मूली, गाजर, मटर और सलाद पत्ता इस मौसम में गमलों में आराम से उगते हैं।

अक्टूबर में सबसे जल्दी क्या तैयार होता है?

माइक्रोग्रीन्स लगभग 1 से 2 हफ़्ते में कट जाते हैं। उसके बाद मेथी और धनिया की पत्तियाँ करीब 3 से 4 हफ़्ते में तोड़ने लायक हो जाती हैं, और मूली लगभग एक से डेढ़ महीने में।

क्या अक्टूबर में टमाटर लगा सकते हैं?

हाँ, खासकर मैदानी इलाकों में अक्टूबर में टमाटर की पौध गमले में लगाई जा सकती है। उत्तर भारत में दिसंबर और जनवरी की कड़ी ठंड और पाले वाली रातों में पौधे को ढककर या किसी दीवार के पास आड़ में रखें, क्योंकि बहुत ठंड में इसकी बढ़त और फल दोनों धीमे पड़ जाते हैं।

सर्दियों में धनिया जल्दी बीज पर क्यों नहीं जाता?

धनिया गर्मी और लंबे दिनों में फूल की डंडी निकालता है। अक्टूबर से फ़रवरी तक का ठंडा मौसम और छोटे दिन इसे लंबे समय तक पत्तियाँ देने देते हैं, इसलिए यही धनिया बोने का सबसे अच्छा समय है।